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अपने वर्कआउट की शुरुआत और अंत स्ट्रेचिंग से करें:

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1.हलकी स्ट्रेचिंग करने से आपकी मांसपेशियां वर्कआउट से पहले गर्माहट और वर्कआउट के बाद आराम महसूस करेंगी

काफ स्ट्रेच करें | एक दीवार से अपने हाथ के बराबर दूरी पर खड़े हों और अपने दांये पैर को बांये पैर के पीछे रखें | अपने बायें पैर को आगे को झुकाएं पर दायें पैर को ज़मीन पर सीधा रखें | इस स्ट्रेच को 30 सेकंड तक होल्ड कर के, दूसरे पैर पर दोहराएं |
अपनी हैमस्ट्रिंग्स को स्ट्रेच करें | किसी दरवाज़े या दीवार के पास धरती पर लेटें | अपने बायें पैर को उठा कर अपनी एड़ी को दीवार पर टिकाएं | अपने पैर को तब तक सीधा करें जब तक आपको अपनी जांघ (थाई) पर स्ट्रेच नहीं महसूस हो | इस स्ट्रेच को 30 सेकंड तक होल्ड कर के, दूसरे पैर पर दोहराएं |
हिप फ्लेक्सोर स्ट्रेच करें | अपने दांयें घुटने पर झुकें को टेक कर अपने बांयें पैर को आगे रखें | अपने बांये पैर पर आगे झुकते हुए अपने शरीर के वज़न को शिफ्ट करें | आपको अपनी दांयी जांघ में स्ट्रेच महसूस होगी | इस स्ट्रेच को 30 सेकंड तक होल्ड कर के, दूसरे पैर पर दोहराएं |
अपने कन्धों को स्ट्रेच करें | अपने बांये हाथ को अपनी छाती के दूसरी ओर ले जा कर दांयें हाथ से पकडें | इस स्ट्रेच को 30 सेकंड तक होल्ड कर के, दूसरे पैर पर दोहराएं |

2. हफ्ते में 3-5 बार जिम जाएँ:

कार्डियो और स्ट्रेंग्थ ट्रेनिंग प्रोग्राम दोनों का मिश्रण कर आधे से एक घंटे तक वर्कआउट करें | विशेषज्ञ हर हफ्ते कम से कम 150 मिनट की मध्यम स्तर की एरोबिक एक्टिविटी का सुझाव देते हैं।[१४]
हफ्ते में दो बार स्ट्रेंग्थ ट्रेनिंग करने का इरादा बनाएं |

3. अपने आस पास के इलाकों में व्यायाम करें:

जोग के लिए या अपने कुत्ते को टहलाने के लिए बाहर निकलें | ये ध्यान रहे की कम से कम 30 मिनट के लिए मध्यम गति से चलना ज़रूरी है |

4. कठिन दैनिक गतिविधियों को अपनाएं:

तीव्र ताकत से की गयी गार्डनिंग और घर की देख रेख दोनों ही आपके शरीर को व्यायाम करा सकती है |आप एलीवेटर के बजाय सीड़ियाँ लेकर, दुकानों से दूर गाड़ी पार्क करके और लंच ब्रेक के दौरान थोड़ा वाक कर के भी अपनी दिनचर्या में गति को बढ़ा सकते हैं |कार के बिना रहे: इसके बजाय अपनी मंजिल तक चल के या बाइक से जाएँ | अगर आप सार्वजानिक ट्रांसपोर्ट से जाते हैं, तो कुछ स्टॉप पहले उतर कर बाकी का रास्ता चल कर जांयें

5. यो-यो डाइटिंग नहीं करें:

एक बार आपने अपनी इस सुधरी जीवन शैली के माध्यम से वज़न घटा लिया, तो उसे बार बार बढ़ाते घटाते रहने के बजाय उसी स्तर पर रखने के लिए मेहनत करते रहें | फेक डाइट से बचें: जब तक कोई डॉक्टर आपको सुझाव नहीं दे लिक्विड डाइट, डाइट पिल्स और अन्य डाइट सप्लीमेंट्स से दूर रहें | आम तौर, पर अगर कोई उत्पाद या डाइट प्लान नीचे लिखी चीज़ें करने की कहती है, तो इसका मतलब वह फेक (fake) है
बहुत जल्दी वज़न कम करने का आश्वासन (हर हफ्ते 1-2 पौंड से ज्यादा)
बिना आपकी आदतें बदले आपका वज़न कम कराने का वादा करे
आपको काफी सारा पैसा खर्च करने को कहे
आपके खाने योग्य विकल्पों को कम करे लेकिन संतुलित पोषण को बढ़ावा नहीं दे ज्यादा देर तक, बार बार या तीव्रता से व्यायाम करने से चोट लगने की सम्भावना बढ़ जाती है | अपने वर्कआउटस के बीच थोड़ा सा समय विश्राम के लिए भी निकालें |
अपने वज़न का अंदाज़ा रखें: वज़न कम होना या ज्यादा होना दोनों ही स्वस्थ शरीर की निशानी नहीं है | किसी डॉक्टर से या भरोसेमंद वेट चार्ट से अपनी उम्र और बॉडी टाइप के मुताबिक सही वज़न का अंदाज़ा लगायें |
धूम्रपान और शराब पीने से बचें: धूम्रपान करने से हार्ट डिजीज, लिवर डिजीज और कई प्रकार के कैंसर जैसी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं हो सकती है | शराब पीने से भी लिवर डिजीज, कैंसर, हार्ट डिजीज, अल्कोहल पोइसोनिंग और डिप्रेशन जैसी बीमारियाँ होने की सम्भावना होती है

6.अपनी नींद पूरी करें:

शोधों से पता चला है की जो लोग कम सोते हैं उनका वज़न ज्यादा हो सकता है | एडल्टस को कम से कम हर रात 7-9 घंटे सोने की कोशिश करनी चाहिए |बच्चों और टीनेजर्स को ज्यादा नींद की ज़रुरत होती है | छोटे बच्चों को 10-14 घंटों की, स्कूल जाने वाले बच्चों को 9-11 और टीनेजर्स को 8-10 घंटे की नींद की ज़रुरत होती है |सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना नहीं छोडें: सूरज की किरणों से स्वास्थ्य को काफी नुकसान हो सकता है, जैसे कैंसर | जब भी आप बाहर हों, प्रोटेक्टिव कपड़े पहनें और कम से कम 30 एस पी ऍफ़ का ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगायें | जब बादल हों तब भी सनस्क्रीन का
हर रोज़ शावर करें: अगर किसी गतिवधि के बाद आपको पसीना आ गया है तो फिर से शावर करें। इससे शरीर की दुर्गन्ध, एक्ने और अन्य सफाई से जुड़ी बीमारियाँ जैसे स्कैबीज़ में कटौती होगी रोज़ अपने दांतों को ब्रश और फ्लॉस करेंनियमित फ्लोस्सिंग से ना सिर्फ मुंह की दुर्गन्ध कम होती है बल्कि मसूड़ों की समस्या से भी छुटकारा मिलता है।

अपने पैरों को साफ़ रखें: एथलिट फूट और बदबू से बचने के लिए पैरों की उँगलियों के बीच सफाई करना नहीं भूलें |

साफ़ कपड़े पहनें: ख़ास तौर से, अपने अंडरवियर और मौजे हर रोज़ बदलें।
अपने हाथों को धोएंअपने हाथ खाना बनाने से पहले और बाद, टॉयलेट जाने के बाद, हलकी चोट पर दवाई लगाने से पहले और बाद, और अपनी नोज ब्लो करने, छींकने और खांसने के बाद धोएंस्वास्थ्य मंत्रालय का सुझाव है की आप अपने हाथों को गरम पानी और साबुन से 20 सेकंड, या उतनी देर तक धोएं जितनी देर में दो बार “हैप्पी बर्थडे” गा सकें |

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